हिमाचल कैबिनेट बैठक: कर्मचारियों, किसानों, स्वास्थ्य और रोजगार पर बड़े फैसले- जाने प्रमुख फैसले

हिमाचल कैबिनेट बैठक: कर्मचारियों, किसानों, स्वास्थ्य और रोजगार पर बड़े फैसले- जाने प्रमुख फैसले

Major decisions regarding employees

Himachal Cabinet Meeting

शिमला। Himachal Cabinet Meeting, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों, किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने विभिन्न विभागों द्वारा पहले अस्वीकृत किए गए अनुकंपा नियुक्ति मामलों की पुनर्समीक्षा को मंजूरी दी है। एकमुश्त विशेष व्यवस्था के तहत वास्तविक मामलों पर आवश्यक छूट देकर पुनर्विचार किया जाएगा।

सरकार ने सरकारी भूमि पर लंबे समय से आवास, कृषि और बागवानी कार्यों के लिए कब्जा कर रहे भूमिहीन परिवारों एवं सीमांत किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी। यह नीति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है और केंद्र सरकार की स्वीकृति के लिए भेजी गई है।

किसानों को राहत

मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का फैसला लिया है जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। योजना के तहत तीन लाख रुपये तक के पात्र कृषि ऋणों पर ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती

कैबिनेट ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 स्टाफ नर्स, 250 मल्टी टास्क वर्कर (क्लास-4) तथा 162 अन्य पदों को भरने की मंजूरी दी है। इनमें 76 ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 शामिल हैं।
इसके अलावा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित एवं भरे जाएंगे। मंडी जिले के नेरचौक स्थित  में कार्डियोलॉजी विभाग के लिए भी चार पद भरने की मंजूरी दी गई है।

रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के तहत 400 वर्क इंस्पेक्टर पद भरने की स्वीकृति दी है। साथ ही  में विभिन्न विभागों के 17 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई है।

कर्मचारियों को राहत

राज्य सरकार ने अध्ययन अवकाश (स्टडी लीव) पर जाने वाले कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का फैसला लिया है। पहले अध्ययन अवकाश ले चुके कर्मचारियों को भी बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त 31 मार्च 2026 तक सात वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी (डेली वेजर) बनाने की मंजूरी दी गई है। जॉब ट्रेनीज को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का भी निर्णय लिया गया।

हिमकेयर का दायरा बढ़ा

कैबिनेट ने हिमकेयर योजना को बीमा मॉडल पर संचालित करने का फैसला लिया है। संशोधित व्यवस्था के तहत पात्र परिवारों को अब 7 लाख और 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा, जबकि वर्तमान में यह सीमा 5 लाख रुपये है।

स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के चौथे चरण को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026 से 2028 के बीच इसके लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पूर्व कर्मचारी चयन आयोग के अभ्यर्थियों को राहत

कैबिनेट ने पूर्व  द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड की भर्ती विज्ञप्तियां वापस लेने और अभ्यर्थियों की 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा फीस लौटाने का फैसला लिया है।

स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार

सरकार ने मंडी के सरकाघाट सिविल अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तरों का अस्पताल बनाने, बिलासपुर के कलोल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने तथा सोलन के बद्दी सिविल अस्पताल को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में विकसित करने को मंजूरी दी है।

अन्य प्रमुख फैसले

  • एनडीपीएस नियमों में संशोधन कर औषधीय एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए कैनाबिस की खेती और प्रसंस्करण को विनियमित किया जाएगा।
  • शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्र के 15 अग्निपीड़ित परिवारों को 7-7 लाख रुपये की विशेष राहत दी जाएगी।
  • मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए उपमुख्यमंत्री  की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति गठित की जाएगी।
  • घरेलू उपयोग के लिए खनिज ढोने वाले ट्रैक्टरों पर कंपाउंडिंग शुल्क 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये किया गया।
  • चरवाहों की सुविधा के लिए ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 लागू की जाएगी।
  • सोलन के शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा देने को मंजूरी दी गई।
  • मंत्रिमंडल बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा सीबीएसई स्कूलों से संबंधित एक प्रस्तुति भी दी गई।